1 of 5 राज कुमार मेहता और मृतक युवराज - फोटो : अमर उजाला Link Copied ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में युवराज की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह बिखर गया है। बेटे को खोने के बाद उसके पिता राजकुमार मेहता भारत में अकेले पड़ गए हैं। पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बेटी और दामाद यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहते हैं। ऐसे में अब यह संभावना जताई जा रही है कि वह भारत छोड़कर बेटी के साथ यूके शिफ्ट हो सकते हैं। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 5 Noida Engineer Yuvraj Death Case - फोटो : अमर उजाला बहन और जीजा को मिला भारत का वीजा हादसे के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है। युवराज की बहन अपने भाई को अंतिम विदाई देने के लिए भारत आना चाहती थी, लेकिन वीजा संबंधी औपचारिकताओं के कारण वह समय पर नहीं पहुंच सकी थी। अब बहन और जीजा को भारत आने का वीजा मिल गया है और दोनों के इस सप्ताह भारत पहुंचने की संभावना है। 3 of 5 युवराज को श्रद्धांजलि देते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी जीवन हुआ कठिन परिजनों के अनुसार, बेटे की असमय मौत ने राजकुमार मेहता को भीतर से तोड़ दिया है। घर में अब कोई नहीं बचा है और रोजमर्रा की जिंदगी भी उनके लिए कठिन होती जा रही है। इसी वजह से रिश्तेदारों और खुद बेटी ने उन्हें यूके बुलाने का प्रस्ताव दिया है, ताकि वह परिवार के साथ रह सकें और अकेलेपन से बाहर आ सकें। 4 of 5 युवराज को श्रद्धांजलि देते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी भारत में बेटे की यादें हालांकि, राजकुमार मेहता ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि भारत में युवराज की यादें, रिश्तेदार और सामाजिक जुड़ाव उन्हें रोक रहे हैं। वहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
नोएडा इंजीनियर की मौत: युवराज की मौत के बाद टूटा परिवार, भारत छोड़ सकते हैं पिता; अब बस इस बात का इंतजार
1 of 5 राज कुमार मेहता और मृतक युवराज - फोटो : अमर उजाला Link Copied ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में युवराज की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह बिखर गया है। बेटे को खोने के बाद उसके पिता राजकुमार मेहता भारत में अकेले पड़ गए हैं। पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बेटी और दामाद यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहते हैं। ऐसे में अब यह संभावना जताई जा रही है कि वह भारत छोड़कर बेटी के साथ यूके शिफ्ट हो सकते हैं। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 5 Noida Engineer Yuvraj Death Case - फोटो : अमर उजा