भारत हर साल औसतन लगभग 700 टन सोना और 5 से 6 हजार टन चांदी का आयात करता है। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत है। बाजार के इस आधार पर यूपी में हर साल लगभग 105 टन सोना और 1650 टन चांदी की खपत होती है। दस साल में यह आंकड़ा करीब 1050 टन सोना और 16500 टन चांदी तक पहुंच जाता है। लोगों ने जब सोना-चांदी की खरीद की थी, उस समय बाजार भाव काफी कम थे। वर्ष 2015 से 2024 के बीच सोने की औसत कीमत 26 हजार से 70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही जबकि चांदी 40 से 95 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बिकती रही। उस समय यूपी में इन दस वर्षों में सोना और चांदी खरीदने पर कुल मिलाकर लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास खर्च हुआ था। अब यही सोना और चांदी मौजूदा भाव पर आंकी जाए तो इसकी कीमत करीब 21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसका सीधा मतलब है कि केवल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण प्रदेश के लोगों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
यूपी: सोना-चांदी ने 15 लाख करोड़ से भर दी यूपी वालों की तिजोरी, इन धातुओं पर निवेश से करोड़पति बने लोग
भारत हर साल औसतन लगभग 700 टन सोना और 5 से 6 हजार टन चांदी का आयात करता है। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत है। बाजार के इस आधार पर यूपी में हर साल लगभग 105 टन सोना और 1650 टन चांदी की खपत होती है। दस साल में यह आंकड़ा करीब 1050 टन सोना और 16500 टन चांदी तक पहुंच जाता है। लोगों ने जब सोना-चांदी की खरीद की थी, उस समय बाजार भाव काफी कम थे। वर्ष 2015 से 2024 के बीच सोने की औसत कीमत 26 हजार से 70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही जबकि चांदी 40 से 95 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बिकत