विश्व आर्थिक मंच 2026 के मंच से वैश्विक राजनीति में एक नई पहल सामने आई। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस में बोर्ड ऑफ पीस के चार्टर पर हस्ताक्षर कर इस संस्था की औपचारिक शुरुआत की। ट्रंप ने इसे दुनिया में चल रहे युद्धों और टकराव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब दुनिया को शांति की जरूरत है और यह मंच उसी मकसद से बनाया गया है। दावोस में अपने संबोधन में ट्रंप ने इस दिन को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले दुनिया आग में झुलस रही थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार आठ युद्धों को सुलझाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर काफी प्रगति हुई है। ट्रंप के मुताबिक बोर्ड ऑफ पीस दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित मंच बन सकता है और इसमें ताकतवर देशों की भूमिका अहम होगी।बोर्ड ऑफ पीस की शुरुआत ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा युद्धविराम योजना से हुई थी। इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन मिला था। बाद में इस पहल का दायरा बढ़ा दिया गया। ट्रंप ने संकेत दिया कि भविष्य में यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र की कुछ भूमिकाएं भी निभा सकता है। प्रशासन के मुताबिक करीब 35 देशों ने इसमें शामिल होने की सहमति जताई है और 60 देशों को न्योता भेजा गया है। स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर का योगदान तय किया गया है। चार्टर में यह भी प्रावधान है कि ट्रंप पद छोड़ने के बाद भी इसके स्थायी अध्यक्ष रहेंगे।रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस को लेकर चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा है। पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका में जमी अपनी संपत्तियों से एक अरब डॉलर देने को तैयार है। उन्होंने साफ किया कि इस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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