युवराज की मौत का कौन है आखिर जिम्मेदार? सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर बचाने का प्रयास किया, मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची। जो क्रेन बुलाई गई, वह भी उस तक नहीं पहुंच पाई, जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा। इस कारण वे अपनी आंखों के सामने ही बेटे को कार सहित डूबते हुए देख रहे थे। सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। युवराज की मौत से पहले भी हो चुका था हादसा कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद युवराज को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जिस जगह पर हादसा हुआ है, वहां पहले भी एक ट्रक कोहरे के कारण फंस चुका था, बावजूद इसके सबक नहीं लिया गया। जिस बेसमेंट में हादसा हुआ, वहां हमेशा पानी भरा रहता है। इस घटना से पहले ट्रक हादसे के बाद भी कोई प्रयास नहीं किया गया। घटना स्थल के पास नाला भी खुला हुआ है, वहां कोई रिफ्लेक्टर और बैरिकेड भी नहीं था। ये भी पढ़ें: इंजीनियर मौत मामला: NGT ने लिया स्वत: संज्ञान… पांच अधिकारियों को नोटिस; दो और बिल्डर भी गिरफ्तार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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