अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में ही अपने पद की हनक का इस्तेमाल कर कम से कम 1.4 अरब डॉलर (करीब ₹1.4 बिलियन) कमा लिए हैं। भारतीय रुपयों में आंके तो यह राशि करीब 12,831.21 करोड़ रुपये होती है। न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यह संपत्ति क्रिप्टोकरेंसी, विदेशी लाइसेंसिंग और कॉरपोरेट सेटलमेंट के जरिए जुटाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के इतिहास में पद पर रहते हुए किसी भी राष्ट्रपति की ओर से निजी लाभ कमाने का एक अभूतपूर्व उदाहरण है। क्या बना ट्रंप की कमाई का सबसे बड़ा जरिया? रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की कमाई का सबसे बड़ा जरिया क्रिप्टोकरेंसी रही है। उन्होंने विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी डील्स के जरिए कम से कम 867 मिलियन डॉलर (करीब 86.7 करोड़ डॉलर) कमाए हैं। यह कमाई अक्सर गुप्त सौदों के जरिए हुई। उदाहरण के लिए, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित एक निवेश फर्म ने ट्रंप की एक फर्म में 2 अरब डॉलर जमा करने की योजना बनाई थी। इसके ठीक दो सप्ताह बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएई को अमेरिका के उन्नत चिप्स (Advanced Chips) तक पहुंच प्रदान कर दी। ट्रंप परिवार ने संकेत दिया है कि क्रिप्टो से होने वाला वास्तविक मुनाफा अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है। कहां-कहां से हुई ट्रंप की जोरदार कमाई? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उससे जुड़ी संस्थाओं ने विदेशी सरकारों के साथ सहयोग करके कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। जिससे उन्हें मोटी कमाई हुई है। ये हैं- क्या टेक कंपनियों और मीडिया से भी की गई वसूली? ट्रंप ने अपने नाम का लाइसेंस देकर 23 मिलियन डॉलर कमा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
दोबारा राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप की मोटी कमाई: दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ही कमाए 1.4 अरब डॉलर, यह है तरीका
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में ही अपने पद की हनक का इस्तेमाल कर कम से कम 1.4 अरब डॉलर (करीब ₹1.4 बिलियन) कमा लिए हैं। भारतीय रुपयों में आंके तो यह राशि करीब 12,831.21 करोड़ रुपये होती है। न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यह संपत्ति क्रिप्टोकरेंसी, विदेशी लाइसेंसिंग और कॉरपोरेट सेटलमेंट के जरिए जुटाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के इतिहास में पद पर रहते हुए किसी