सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपना काम शुरू कर दिया है। एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण का दौरा कर जांच शुरू की और अब घटनास्थल का मुआयना करने के लिए रवाना हो गई है। इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। इस गंभीर मामले की जांच का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ भानु भास्कर करेंगे। उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। जांच टीम को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उपायों पर विस्तृत पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी से पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल सेक्टर-150 में भारी जलभराव के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक पानी से भरे गड्ढे या अंडरपास में फंस गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कार सहित उनकी डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जल निकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की कमी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता भी जांच के दायरे में होगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Engineer Death Case: इंजीनियर युवराज की मौत मामले में एक्शन, पुलिस ने आरोपी बिल्डर अभय को कोर्ट में किया पेश
सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपना काम शुरू कर दिया है। एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण का दौरा कर जांच शुरू की और अब घटनास्थल का मुआयना करने के लिए रवाना हो गई है। इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। इस गंभीर मामले की जांच का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ भानु भास्कर करेंगे। उनके साथ मंडलायुक्त म