संबोधन के बात बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है। वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। वहीं ट्रंप ने अपने इस दावे को फिर दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बीच युद्ध को रोका, जैसा कि उन्होंने कई अन्य युद्धों के साथ किया था। इससे पहले, पिछले साल 10 मई से लेकर अब तक कम से कम 80 से अधिक बार भारत और पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। सबसे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी देशों ने पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। हालांकि, भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इन्कार किया है।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मेरे राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति पुतिन के साथ हमेशा बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी एक शानदार इंसान हैं। उन्होंने जो किया है, वह कमाल का है। हर कोई उनका बहुत सम्मान करता है। कोविड की वजह से इसमें बहुत अधिक रुकावट आई। मैं इसे चीन वायरस कहता था, लेकिन उन्होंने कहा, क्या आपको लगता है कि आप कोई दूसरा नाम इस्तेमाल कर सकते हैं और मैंने ऐसा करने का फैसला किया क्योंकि इस बात पर हमें कोई दिक्कत क्यों होनी चाहिए?डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं अब एक साल से इस युद्ध (रूस-यूक्रेन) पर काम कर रहा हूं, इस दौरान मैंने आठ और युद्ध सुलझाए, जिसमें भारत-पाकिस्तान भी शामिल है। व्लादिमीर पुतिन ने मुझे फोन किया..उन्होंने कहा, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आपने आर्मेनिया-अजरबैजान के संघर्ष को सुलझा दिया। वे 35 वर्षों से भिड़ रहे थे। मैंने एक दिन में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'भारत के साथ अच्छी डील होगी..': ट्रंप ने दावोस में PM मोदी को बताया शानदार नेता, व्यापार समझौते पर कही यह बात
संबोधन के बात बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है। वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। वहीं ट्रंप ने अपने इस दावे को फिर दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बीच युद्ध को रोका, जैसा कि उन्होंने कई अन्य युद्धों के साथ किया था। इससे पहले, पिछले साल 10 मई से लेकर अब तक कम से कम 80 से अधिक बार भारत और पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। सबसे पहले उन्होंने