भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भी महत्वपूर्ण तेजी की संभावना सीमित है। घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार खरीदारी एक प्रमुख स्टेबलाइजर के रूप में काम कर रही है, जो बिकवाली के दबाव को कम कर रही है और बाजार में और अधिक गिरावट को रोकने में मदद कर रही है। शेयर बाजार में गिरावट के 10 मुख्य कारण क्या हैं? शेयर बाजार में आज आई तेज गिरावट के पीछे कई अहम वजहें रहीं, जिनका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इन्हें इस तरह भी समझा जा सकता है,अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी।विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक ही दिन में 3,262 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। यह लगातार दसवां सत्र रहा जब एफआईआई बाजार से बाहर निकले।विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निराशाजनक नतीजों और कमजोर आउटलुक ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया। शुरुआती तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की गिरावट ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया।बाजार की अस्थिरता दिखाने वाला इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
The Bonus Market Update: भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार; सेंसेक्स 1066 अंक टूटा, निफ्टी 25300 के नीचे
भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भ