सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की नाले में डूबकर हुई मौत के मामले में रेस्क्यू ऑपरेशन और बचाव दल की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले फ्लिपकार्ट के डिलीवरी ब्वॉय मोनिंदर सिंह को पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया। मोनिंदर सिंह का कहना है कि उन्हें रविवार को कई बार थाने से फोन आया और दोपहर करीब एक बजे वे थाने पहुंचे, जहां से उन्हें शाम पांच बजे जाने दिया गया। इस दौरान उनका एक वीडियो भी बनवाया गया, जिसमें उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया कि पुलिस घटना के 10-15 मिनट में पहुंच गई थी और कोहरे के कारण बचाव कार्य में देरी हुई। मोनिंदर सिंह ने दावा किया कि यदि समय रहते इंजीनियर को बचाने का प्रयास किया गया होता तो वह आज जीवित होता। उन्होंने कहा कि वे सच बोलते रहेंगे, भले ही इसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्हें डर है कि उन्हें झूठी कार्रवाई में फंसाया जा सकता है। पुलिस द्वारा गुंडा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की बात पर उन्होंने कहा कि यह उनके पुराने पारिवारिक विवाद के कारण है। मोनिंदर का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे कोतवाली के बाहर खड़े होकर कहते सुनाई दे रहे हैं कि पुलिस ने सूचना मिलते ही मदद का प्रयास किया, लेकिन कोहरे के कारण देरी हुई।युवराज के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि युवराज आमतौर पर रात 10 बजे तक घर आ जाता था, लेकिन घटना की रात उसे देर हो गई थी। उसने बताया कि दफ्तर में काम अधिक होने के कारण आने में देरी होगी। रात करीब 12 बजे युवराज ने पिता को फोन कर बताया कि वह नाले में गिर गया है और उसे बचाओ। पिता तुरंत दौड़ पड़े, लेकिन सर्दी के कारण उनकी स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई। एक कैब की मदद से वे मौके पर पहुंचे, लेकिन पहले गलत नाले पर चले गए। दोबारा फोन करने पर युवराज ने स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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