500 करोड़ रुपये नुकसान का दावा फिल्म की रिलीज को लेकर हो रही देरी के चलते फैंस व मेकर्स चिंतित हैं। मेकर्स ने अपनी याचिका में दलील दी है कि अगर ‘जन नायकन’ की रिलीज में देरी होती है तो उन्हें 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर मद्रास हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, क्या होगा विजय की आखिरी फिल्म का भविष्य? सेंसर बोर्ड की तरफ से क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) सुंदरेशन पेश हुए और अपने तर्क दिए। मेकर्स के 500 करोड़ रुपये के दावे पर सेंसर बोर्ड की तरफ से गए एएसजी ने कहा कि पहले हाई कोर्ट केस में सीबीएफसी को अपना जवाब दाखिल करने का समय नहीं दिया गया था। 6 जनवरी को भेजे गए कम्युनिकेशन को कोर्ट में कभी चुनौती नहीं दी गई। इसके अलावा कहा कि एग्जामिनेशन कमेटी द्वारा दिए गए 14 कट्स का फैसला अभी भी फाइनल नहीं है। चेयरपर्सन का इस मामले में अभी भी फैसला लेना बाकी है। अभी छटा नहीं रिलीज से संकट! ‘जन नायकन’ मामले पर बहस खत्म होने के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, फिल्म की रिलीज पर अभी भी कोई तस्वीर साफ नहीं हुई है। फैसला बाद में सुनाया जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'जन नायकन' पर मद्रास HC का फैसला सुरक्षित, 'धुरंधर 2' का उदाहरण, प्राइम वीडियो की 'धमकी'; दी गईं ये दलीलें
500 करोड़ रुपये नुकसान का दावा फिल्म की रिलीज को लेकर हो रही देरी के चलते फैंस व मेकर्स चिंतित हैं। मेकर्स ने अपनी याचिका में दलील दी है कि अगर 'जन नायकन' की रिलीज में देरी होती है तो उन्हें 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर मद्रास हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, क्या होगा विजय की आखिरी फिल्म का भविष्य? सेंसर बोर्ड की तरफ से क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) सुंदरेशन पेश हुए और अपने तर्क दिए। मेकर्स के 500 करोड़