भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने के लिए कई अहम लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र (Lols), मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs), समझौते और घोषणाएं की गईं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने आर्थिक, तकनीकी, परमाणु, सांस्कृतिक और युवा सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस रोडमैप तय किया।व्यापार के मोर्चे पर 2022 में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर को पार कर गया है। इसे देखते हुए, दोनों नेताओं ने लक्ष्य को बढ़ाने और 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर करने का फैसला किया। 2023-24 में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 84 अरब डॉलर था। यह भी तय किया गया कि एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा।दोनों पक्षों ने अपने रक्षा संबंधों का भी काफी विस्तार करने का संकल्प लिया। दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।दोनों पक्षों के बीच सालाना 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 10 साल के लिए यह समझौता हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी गैस (एडीएनओसी गैस) के बीच हुआ। यूएई कतर के बाद भारत को एलएनजी का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।इसके अलावा दोनों देश द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ावा देने पर भी राजी हुए। इसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और छोटे मॉड्यूलर र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
भारत-यूएई रिश्तों को नई ऊंचाई: राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का संक्षिप्त लेकिन अहम दौरा, कई बड़े समझौते
भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने के लिए कई अहम लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र (Lols), मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs), समझौते और घोषणाएं की गईं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने आर्थिक, तकनीकी, परमाणु, सांस्कृतिक और युवा सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस रोडमैप तय किया।व्यापार के मोर्चे पर 2022 में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर को पार कर गया है। इसे देखते हुए, दोनों नेताओं ने लक्ष्य को बढ़ाने