विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक सोमवार से दावोस में शुरू हो रही है। इस पांच दिवसीय आयोजन में दुनिया भर के नेता, उद्योगपति, शिक्षाविद, नागरिक समाज और श्रम संघों के 3,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंत्रिमंडल के पांच सदस्यों के साथ बैठक में शामिल होंगे। भारत का प्रतिनिधित्व इस बैठक में बेहद मजबूत है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू शामिल होंगे। इसके अलावा छह मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन बैठक में भाग लेंगे।इसके अलावा गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी और उत्तर प्रदेश का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दावोस में शामिल होंगे। भारतीय प्रतिनिधि समूह कई चर्चाओं में हिस्सा लेंगे, जिसमें यह भी चर्चा होगी कि भारत क्या दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। द्विपक्षीय बैठकें भी इस दौरान आयोजित होंगी।पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में बैठक में मौजूद रहेंगी। इस बैठक में भारत की प्रमुख कंपनियों के सीईओ भी शामिल हैं, जिनमें मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज), एन. चंद्रशेखरन (टाटा समूह), संजीव बजाज (बजाज समूह), हरि एस भरतिया (जुबिलेंट भरतिया ग्रुप) और सुदर्शन वेणु (टीवीएस मोटर) शामिल हैं।भारत की भागीदारी को प्रमुखता देने के लिए पवेलियन और विभिन्न स्ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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