अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा में शांति बहाली के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है। अमेरिका इस योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बता दें कि भारत को यह न्योता उसकी वैश्विक साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में भूमिका को देखते हुए दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बोर्ड में शामिल देश गाजा की स्थिति पर नजर रखेंगे, मानवीय सहायता, पुनर्निर्माण और संघर्ष रोकने से जुड़े कदमों पर विचार करेंगे। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यदि भारत इस पहल में शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Gaza Peace: गाजा में शांति पहल के लिए भारत को न्योता, ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का दिया प्रस्ताव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा में शांति बहाली के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है। अमेरिका इस योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बता दें कि भारत को यह न्योता उसकी वैश्विक साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में