हाथों से आंखें रगड़ने से बचें आरएमएल अस्पताल की ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. तारू दीवान ने बताया कि सर्दियों में स्मॉग लंबे समय तक बना रहता है, जिससे एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस और आंखों के सूखेपन के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने गंदे हाथों से आंखें रगड़ने से बचने की सलाह दी, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि सर्दियों में उनके पास लाल, खुजली वाली, पानी आने वाली और जलन वाली आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पीएम2.5 आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा को कमजोर कर देता है, जिससे सूखापन, धुंधला दिखना और रोशनी से परेशानी होने लगती है। वहीं, डॉ. उमेश बरेजा के अनुसार, प्रदूषण की वजह से आंखों में लालिमा, जलन और पानी आने की समस्या आम हो गई है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने वालों और कांटेक्ट लेंस पहनने वालों में यह दिक्कत अधिक देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग भी आंखों की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
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हाथों से आंखें रगड़ने से बचें आरएमएल अस्पताल की ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. तारू दीवान ने बताया कि सर्दियों में स्मॉग लंबे समय तक बना रहता है, जिससे एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस और आंखों के सूखेपन के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने गंदे हाथों से आंखें रगड़ने से बचने की सलाह दी, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि सर्दियों में उनके पास लाल, खुजली वाली, पानी आने वाली और जलन वाली आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पीएम2.5 आंखों की प्