बंगाल के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने असम में भी एक जनसभा को संबोधित किया। यहां पर भी उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों का नतीजा आज सबके सामने है। उन्होंने कहा कि असम में शांति, विकास और आत्मविश्वास लौट रहा है। खासकर बोडो समाज के युवाओं में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है, जो अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे असम के विकास के लिए काम कर रहे हैं। मैंने जितनी बार असम का दौरा किया है, उतना आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। ‘बागुरुम्बा दोहोउ’ डांस परफॉर्मेंस सिर्फ एक उत्सव नहीं, यह बोडो समुदाय के प्रति सम्मान का प्रतीक है। अब असम में गोलियों की आवाज की जगह संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज सुनाई देती है बोडो शांति समझौते ने असम में वर्षों से चले आ रहे अशांति को समाप्त किया और शिक्षा एवं प्रगति के नए रास्ते खोले। कांग्रेस ने यह सुनिश्चित किया कि असम का बोडोलैंड मुख्यधारा से कटा रहे। पीएम मोदी ने कहा कि आज बोडो समाज के युवा असम के सांस्कृतिक दूत बन रहे हैं। खेल के मैदान से लेकर कला और संस्कृति तक, बोडो समाज के बेटे-बेटियां देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा नए विश्वास के साथ बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा भी कर रहे हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, बोडो समाज की यह प्रगति असम को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब भी असम की कला, संस्कृति और पहचान का सम्मान किया जाता है, कांग्रेस को तकलीफ होती है। उन्होंने सवाल किया कि भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का विरोध किसने किया था। जवाब खुद कांग्रेस है। पीएम मोदी ने कहा कि जब वे असम की संस्कृति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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