अभी मेयर पद को लेकर अंतिम बातचीत शुरू नहीं हो सकी है। नगर निगमों में मेयर पद के लिए आरक्षण की स्थिति साफ नहीं है। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर टिप्पणी की थी। कई नगर निकायों में 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण पर सवाल उठे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होनी है। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना बीएमसी में मेयर पद की मांग कर सकती है। पार्टी इसे अपने संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशताब्दी से जोड़कर देख रही है। 23 जनवरी को बाल ठाकरे की 100वीं जयंती है और शिवसेना इसे उनके प्रति सम्मान के रूप में पेश करना चाहती है। अविभाजित शिवसेना लंबे समय तक बीएमसी पर काबिज रही थी, लेकिन 2022 में पार्टी टूटने के बाद समीकरण बदल गए।बीएमसी चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिंदे शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। इस तरह महायुति बीएमसी में सबसे बड़ा गठबंधन बन गई। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने एमएनएस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और 65 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वोट शेयर के लिहाज से भी भाजपा 45.22 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही।मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ किया है कि मेयर पद को लेकर कोई विवाद नहीं है और फैसला सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वे खुद, उपमुख्यमंत्री शिंदे और पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे। हालांकि, फडणवीस विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने के लिए दावोस रवाना हो रहे हैं और 24 जनवरी के बाद ही मुंबई लौटेंगे।बीएमसी चुनावों के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की मजबूती दिखाते हैं। होटल पॉलिटिक्स और मेयर पद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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