ग्रैप को पहली बार 2017 में पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था। यह योजना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित एनवायरनमेंट पॉल्यूशन (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) अथॉरिटी के माध्यम से लागू की जाती है।दिल्ली में प्रदूषण गंभीर स्तर (एक्यूआई 401-450) के बीच दर्ज किया गया, जिसके बाद पूरे एनसीआर में स्टेज तीन लागू हो गया।स्टेज 1: खराब (एक्यूआई 201-300)स्टेज 2: बहुत खराब (एक्यूआई 301-400)स्टेज 3: गंभीर (एक्यूआई 401-450)स्टेज 4: गंभीर प्लस (एक्यूआई 450 से ऊपर)स्टेज 3 हटने के साथ ही सख्त उपायों में ढील दी गई है।नवंबर 2025 में CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप नियमों को और सख्त किया था।अब कई प्रतिबंध पहले की तुलना में पहले ही स्टेज पर लागू हो जाते हैं।जो उपाय पहले स्टेज II (AQI 201-300) में लागू होते थे, वे अब स्टेज I में ही लागू हो रहे हैं।स्टेज III (AQI 301-400) के कुछ उपायों को स्टेज II में शिफ्ट किया गयावहीं, जो पाबंदियां पहले सिर्फ स्टेज IV (गंभीर+) में थीं, वे अब स्टेज III में लागू की जा रही हैं।यह बदलाव दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अधिक आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें