10:50 AM, 16-Jan-2026 चंद्रकांत पाटिल ने कहा- जनता काम देखकर भरोसा कर रही है, सिर्फ भाषणों पर नहीं बीएमसी समेत महाराष्ट्र के सभी निगमों में चल रही मतगणना के रुझानों भाजपा गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। ऐसे में पुणे महापालिका चुनावों की मतगणना के दौरान महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि लोग उनके किए गए काम को देखकर भरोसा कर रहे हैं, सिर्फ चुनावी भाषणों पर नहीं। उन्होंने कहा कि हमने लोगों के मन में ये सवाल उठाया कि अगर शिवसेना (यूबीटी) विकास करना चाहती थी, तो पहले क्यों नहीं किया? हमनें कोविड-19 के दो और आधे साल के दौरान भी बहुत काम किया। पाटिल ने आगे कहा कि चाहे ठाकरे भाई एक हों या कांग्रेस और एनसीपी मिलें, ये जनता के हित में नहीं है। लोगों ने समझ लिया है कि ये सब केवल अपने स्वार्थ के लिए है। उन्होंने पार्टी की जीत के रुझान बताते हुए कहा कि मुंबई में भाजपा को 90 और शिवसेना को 40 सीटें मिलेंगी। ये संख्या बढ़ सकती है, लेकिन कम नहीं होगी। पुणे में हम 115 सीटों से कम नहीं पाएंगे। 10:43 AM, 16-Jan-2026 नागपुर में 40 सीटों पर भाजपा आगे नागपुर में हुए चुनाव के रुझानों में भाजपा ने 40 सीटों पर अपनी मजबूत बढ़त बनाई है। वहीं कांग्रेस ने 12 सीटों पर अपनी बढ़त बना रखी है। 10:39 AM, 16-Jan-2026 बीएमसी चुनाव के रुझानों में भाजपा 50 सीटों पर आगे बीएमसी चुनाव के रुझानों में भाजपा गठबंधन 50 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी)+ 26 सीटों पर आगे चल रही है। 10:32 AM, 16-Jan-2026 शाइना एनसी ने कहा- एक्जिट पोल सिर्फ ट्रेलर, असली रिजल्ट जल्द आएगा महाराष्ट्र की नगरपालिका चुनावों की मतगणना शुरू होते ही शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने शुक्रवार को कहा कि एक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Mumbai BMC Election Results 2026 LIVE: बीएमसी, पुणे और नागपुर में BJP+ को बढ़त, क्या है अन्य दलों का हाल?
10:50 AM, 16-Jan-2026 चंद्रकांत पाटिल ने कहा- जनता काम देखकर भरोसा कर रही है, सिर्फ भाषणों पर नहीं बीएमसी समेत महाराष्ट्र के सभी निगमों में चल रही मतगणना के रुझानों भाजपा गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। ऐसे में पुणे महापालिका चुनावों की मतगणना के दौरान महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि लोग उनके किए गए काम को देखकर भरोसा कर रहे हैं, सिर्फ चुनावी भाषणों पर नहीं। उन्होंने कहा कि हमने लोगों के मन में ये सवाल उठाया कि अगर शिवसेना (यूबीटी) विकास करना चाहती थी, तो पहले क्यों नहीं किय