सर्वोच्च ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के एक-एक साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है। ‘आकाशदीप’ अलंकरण में पांच-पांच लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक के रूप में गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं। अमर उजाला शब्द सम्मान शीघ्र ही एक समारोह में अर्पित किए जाएंगे। अपने विपुल लेखन से उत्तर-औपनिवेशिक वैचारिकी और स्त्री अस्मिता के लिए मणिपुरी में विलक्षण योगदान देने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी का मूल नाम डॉ. थौनोजाम चानू इबेमहल है। 1 जनवरी, 1957 को जन्मी और मैतेई पुराकथाओं पर खास काम करने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी समकालीन मणिपुरी सृजन परिदृश्य की सशक्त आवाज हैं।हिंदी के सर्वोच्च अलंकरण ‘आकाशदीप’ के लिए चयनित, 2 नवंबर, 1940 को जन्मी ममता कालिया ने स्त्रीवाद की आरम्भिक हलचलों के बीच अपने लेखन से नई लकीर खींची और एक दर्जन से अधिक उल्लेखनीय कृतियां दी हैं। वह मध्यवर्ग की जटिलताओं और स्त्री की पहचान के संघर्ष को सशक्त स्वर देने के लिए जानी जाती हैं।ममता कालिया ने कहा कि एक संघर्षधर्मी के लिए यह अनूठी और बहुमूल्य अनुभूति है। वहीं, अरमबम ओंगबी मेमचौबी ने कहा कि हिंदी ने मणिपुरी आवाज को अपने साथ शामिल कर सम्मान को अविस्मरणीय बना दिया है।वर्ष 2024 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी शब्द सम्मान की घोषणा कर दी गई है। ये सम्मान सविता सिंह, नाइश हसन, शहादत, सुजाता शिवेन और मनीष यादव को दिया गया है। इन सम्मानों में एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।कविता वर्ग में सविता सिंह के संग्रह ‘वासना एक नदी का नाम है’, कथेतर वर्ग में नाइश हसन की कृति ‘मुताह’ तथा कथा वर्ग में शहादत के संग्रह ‘कर्फ्यू की रात’मनीष यादव की कृति ‘सुधारगृह की म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
ममता कालिया और अरमबम ओंगबी मेमचौबी को मिला अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान 'आकाशदीप'
सर्वोच्च ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के एक-एक साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है। ‘आकाशदीप’ अलंकरण में पांच-पांच लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक के रूप में गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं। अमर उजाला शब्द सम्मान शीघ्र ही एक समारोह में अर्पित किए जाएंगे। अपने विपुल लेखन से उत्तर-औपनिवेशिक वैचारिकी और स्त्री अस्मिता के लिए मणिपुरी में विलक्षण योगदान देने वाली अरमबम ओंगबी मेमचौबी का मूल नाम डॉ. थौनोजाम चानू इबेमहल है। 1 जनवरी, 1957 को जन्मी और मैतेई पुराकथाओं पर खास काम करने वा