11:44 AM, 15-Jan-2026 सुबह 10 बजे तक 36 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज सुबह 10 बजे तक संगम तट पर 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यह अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त दिन भर चलने के कारण शाम तक यह संख्या एक करोड़ पार कर सकती है। मेला प्रशासन ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है, जिसके लिए 24 स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू किया गया है, जिसमें आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम की स्थापना भी शामिल है। नदी की धारा में आए बदलावों को देखते हुए घाटों में आंशिक संशोधन भी किए गए हैं। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज सुबह 10 बजे तक संगम तट पर 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यह अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त दिन भर चलने के कारण शाम तक यह संख्या एक करोड़ पार कर सकती है। मेला प्रशासन ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है, जिसके लिए 24 स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू किया गया है, जिसमें आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम की स्थापना भी शामिल है। नदी की धारा में आए बदलावों को देखते हुए घाटों में आंशिक संशोधन भी किए गए हैं। 11:06 AM, 15-Jan-2026 सुबह आठ बजे तक 21 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी मकर संक्रांति के मौके पर संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। विभिन्न स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने गंगा और संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह आठ बजे तक करीब 21 लाख लोगो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Prayagraj Magh Mela 2026 Live: मकर संक्रांति पर संगम में उमड़ी आस्था, 36 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
11:44 AM, 15-Jan-2026 सुबह 10 बजे तक 36 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज सुबह 10 बजे तक संगम तट पर 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यह अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त दिन भर चलने के कारण शाम तक यह संख्या एक करोड़ पार कर सकती है। मेला प्रशासन ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है, जिसके लिए 24 स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू किया