आज का शब्द: सहस्र और श्रीकांत वर्मा की कविता- महाराज बधाई हो ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- सहस्र, जिसका अर्थ है- दस सौ, हजार। प्रस्तुत है श्रीकांत वर्मा की कविता- महाराज बधाई हो महाराज बधाई हो; महाराज की जय हो ! युद्ध नहीं हुआ – लौट गये शत्रु । वैसे हमारी तैयारी पूरी थी ! चार अक्षौहिणी थीं सेनाएं दस सहस्र अश्व लगभग इतने ही हाथी । कोई कसर न थी । युद्ध होता भी तो नतीजा यही होता । न उनके पास अस्त्र थे न अश्व न हाथी युद्ध हो भी कैसे सकता था ! निहत्थे थे वे । उनमें से हरेक अकेला था और हरेक यह कहता था प्रत्येक अकेला होता है ! जो भी हो जय यह आपकी है । बधाई हो ! राजसूय पूरा हुआ आप चक्रवर्ती हुए – वे सिर्फ़ कुछ प्रश्न छोड़ गये हैं जैसे कि यह – कोसल अधिक दिन नहीं टिक सकता कोसल में विचारों की कमी है । हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 5 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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