ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि मदद रास्ते में है। इसके तुरंत बाद रूस ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य कदम के विनाशकारी नतीजे होंगे। ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि ईरान को लेकर अमेरिका के पास बहुत कड़े विकल्प मौजूद हैं। सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं। कूटनीति पर रोक लगाने का फैसला। ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की कोशिश। क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ रणनीतिक तालमेल। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को सख्त शब्दों में आगाह किया कि ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की धमकियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। मंत्रालय ने कहा कि बाहरी ताकतों द्वारा प्रेरित अशांति को बहाना बनाकर अगर फिर से हमला किया गया, तो इससे मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। रूस ने इसे ईरान के आंतरिक मामलों में विध्वंसक हस्तक्षेप करार दिया।ईरान में बीते कई हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को काबू में रखने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिका लगातार इन प्रदर्शनों को नैतिक समर्थन देता रहा है। क्या बढ़ सकता है वैश्विक तनाव? रूस की चेतावनी और ट्रंप के बयान के बाद यह साफ है कि ईरान का मुद्दा सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा। मध्य पूर्व पहले ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। अगर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Russia Warn US: 'विनाशकारी नतीजे...', ईरान में प्रदर्शनकारियों को ट्रंप की मदद के दावे पर रूस की कड़ी चेतावनी
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि मदद रास्ते में है। इसके तुरंत बाद रूस ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य कदम के विनाशकारी नतीजे होंगे। ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि ईरान को लेकर अमेरिका के पास बहुत कड़े विकल्प मौजूद हैं। सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं। कूटनीति पर रोक