अजित पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में अपनी पार्टी के अलग चुनाव लड़ने को वोट शेयर को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एनसीपी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में अक्सर अलग से मुकाबला किया गया।पवार ने कहा मैं राजनीति में 1999 से हूं। सभी चुनावों में हमने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, संसद और विधानसभा चुनावों में साथ काम किया, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में अपने कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने के लिए हम अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे। इसी तरह भाजपा और शिवसेना के साथ भी हालात रहे हैं। हालांकि, पवार ने स्पष्ट किया कि भाजपा, NCP और शिवसेना के अलग चुनाव लड़ने से राज्य सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर दो एनसीपपी गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ा, जिससे वोट विभाजन कम होगा। पवार ने बताया कि पहले कुछ असमंजस और गलत खबरें फैली थीं, लेकिन अब स्थिति स्पष्ट है। अजित पवार ने यह भी कहा कि शिवसेना के महायुति साथी एकनाथ शिंदे ने पहले गठबंधन के लिए संपर्क नहीं किया और जब किया भी तो सभी नामांकन पत्र भर दिए गए थे। उन्होंने आगे कहा हमने अभी भविष्य की किसी बड़ी योजना पर विचार नहीं किया है।महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी, 2026 को कराए जाएंगे। यह चुनाव एक ही चरण में होंगे। मतदाता चुनाव में आसानी से वोट कर सकें इसके लिए सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की गई है। ग्रेटर मुंबई के सभी पोलिंग स्टेशनों पर सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक वोटिंग होगी। नतीजे 16 जनवरी, 2025 को घोषित किए जाएंगे।गौरतलब है कि नामांकन का प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से शुरू ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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