बृहन्मुंबई नगर निगम, जिसे बीएमसी के तौर पर भी जाना जाता है के चुनाव करीब चार साल के अंतराल के बाद फिर होने वाले हैं। 15 जनवरी (गुरुवार) को बीएमसी चुनाव के लिए मतदान होगा। इसके जरिए उस परिषद का चुनाव होगा, जो कि भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के हर दिन के कामकाज और लंबी अवधि के विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार होगी। मजेदार बात यह है कि बीएमसी के चुनावों के लिए राजनीतिक दल उसी तरह तैयारी में जुटे हैं, जिस तरह किसी संसदीय चुनाव या विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां होती हैं। फिर चाहे शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ आने की बात हो या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पवार गुटों में करीबी की बात। बीएमसी चुनाव करीब आते ही कई राजनीतिक घटनाक्रम घटे हैं, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर भी जबरदस्त अहमियत रखते हैं। क्या है बीएमसी के चुनावों की प्रक्रिया? बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और विस्तृत है। 1. कहां-कहां होते हैं चुनाव? मुंबई को 24 प्रशासनिक वार्डों- ए से टी तक में बांटा गया है। इन प्रशासनिक वार्डों को आगे 227 छोटे चुनावी वार्डों में बांटा किया गया है। हर चुनावी वार्ड से एक पार्षद चुना जाता है, जो नगर निगम के सदन में उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। 2. क्या है आरक्षण की व्यवस्था? बीएमसी में सामान्य श्रेणी की 113 सीटें हैं। इसके अलावा कुल 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसमें अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की महिलाएं भी शामिल हैं। 3. चुनाव की अवधि और योग्यता ये चुनाव हर पांच साल में आयोजित किए जाते हैं। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था। इस लिहाज से अगले टर्म का चुनाव 20 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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