महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निगम चुनाव इस बार सत्ता की असली परीक्षा बन गया हैं। 15 जनवरी को राज्य की 29 नगर निगमों में मतदान होना है, जिसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। मराठी अस्मिता, गठबंधन की मजबूती और बीएमसी की कुर्सी समेत कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आज यानी मंगलवार को इस चुनावी अभियान के प्रचार-प्रसार का आखिरी दिन है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां चुनावी रण में अपनी-अपनी दावेदारी प्रबल बताने में लगी हुई हैं। प्रचार के आखिरी दौर में भी कई बड़े नेता मैदान में उतर चुके हैं, जिसके चलते सियासी तापमानअपने चरम पर है। बता दें कि मतदान को देखते हुए राज्य सरकार ने 15 जनवरी यानी गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। वोटिंग सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी और नतीजे 16 जनवरी को आएंगे।पहले महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की बात करें तो मुंबई की सबसे बड़ी नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प है। यहां 227 वार्डों के लिए करीब 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। बीएमसी चुनाव को सत्ता की सेमीफाइनल लड़ाई माना जा रहा है।चुनाव प्रचार प्रसार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में जबरदस्त रोड शो किया। वे बुलेट बाइक पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद मुंबई में महायुति का मेयर बनेगा। सीएम फडणवीस ने साफ कहा कि बीएमसी की कमान मराठी हाथों में ही रहेगी। उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि मराठी समाज खतरे में नहीं है, बल्कि कुछ राजनीतिक दलों का अस्तित्व खतरे में है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र किसी एक पार्टी का नहीं, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Maharashtra Civic Polls: आज प्रचार समाप्ति, 15 को मतदान; मराठी अस्मिता और गठबंधन जैसे मुद्दे पर गरमाई सियासत
महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निगम चुनाव इस बार सत्ता की असली परीक्षा बन गया हैं। 15 जनवरी को राज्य की 29 नगर निगमों में मतदान होना है, जिसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। मराठी अस्मिता, गठबंधन की मजबूती और बीएमसी की कुर्सी समेत कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आज यानी मंगलवार को इस चुनावी अभियान के प्रचार-प्रसार का आखिरी दिन है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां चुनावी रण में अपनी-अपनी दावेदारी प्रबल बताने में लगी हुई हैं। प्रचार के आ