ऐसा इसलिए कि डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी) को वरिष्ठ विशेष बलों के कमांडरों को ‘ग्रीनलैंड पर संभावित आक्रमण के लिए आकस्मिक योजनाएं’ तैयार करना शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाने वाले कई सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है।डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के निर्देश पर हालांकि शीर्ष सैन्य अधिकारियों की ओर से विरोध किया जा रहा है, जो इसकी वैधता और राजनीतिक व्यवहार्यता दोनों पर सवाल उठा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने संयुक्त विशेष अभियान कमान (जेएसओसी) को आक्रमण योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।लेकिन बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव का ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ विरोध कर रहा है, जो तर्क देते हैं कि ऐसा कोई भी अभियान गैरकानूनी होगा और उसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त नहीं होगा। जनरलों के मुताबिक ग्रीनलैंड योजना बेतुकी और गैरकानूनी है। बताया गया है कि इस तरह की कार्रवाई से ट्रंप यूरोपीय नेताओं के साथ सीधे टकराव के रास्ते पर आ जाएंगे और इससे उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के भीतर एक गहरा संकट पैदा हो सकता है, जिससे गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच सकता है।इधर, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाने वाले कई सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप को दिए गए विकल्पों में तेहरान में चुनिंदा ठिकानों पर लक्षित हमले शामिल हैं, जिनमें शासन के आंतरिक सुरक्षा तंत्र से जुड़े गैर-सैन्य बुनियादी ढ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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