सोमनाथ, संभल और कोलकाता इस हफ्ते चर्चा में रहे। एक ओर जहां चुनावी साल में बंगाल की राजधानी में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। वहीं, सोमनाथ में विंध्वंस के हजार साल पूरे होने पर मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर भी सियासत हो रही है। वहीं, संभल में बुलडोजर एक्शन भी इस हफ्ते सुर्खियों में रहा। इस हफ्त खबरों के खिलाड़ी में इन सभी सुर्खियों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, राकेश शुक्ल, अजय सेतिया, अनुराग वर्मा और हर्षवर्धन त्रिपाठी मौजूद रहे। हर्षवर्धन त्रिपाठी: नेहरू जी को कोई ला नहीं रहा है, नेहरू जी आ जा रहे हैं। जब कोई यह कहता है कि भाजपा सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व क्यों मना रही है। इसे समझना होगा, भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। इस वैभवशाली इतिहास में मंदिरों की बड़ी भूमिका थी। जो लोग सरदार पटेल और नेहरू को भिन्न करने की कोशिश करते हैं, ये सही नहीं है। नरेंद्र मोदी प्रचार से प्रधानमंत्री के तौर पर सोमनाथ के द्वार पर नजर आए हैं। उनकी कंसिस्टेंसी में कोई फर्क नहीं आया है। अजय सेतिया: लालकृष्ण आडवाणी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक यात्रा निकाली। आज हम इस सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उदय को देख रहे हैं। 1990 के बाद देश पूरी तरह बदल चुका है। भारतवर्ष की अवधारणा हमेशा से रही है। इसी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उदय की वजह से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें दिखाई दे रहा है। ये कहना कि हम केवल अंग्रेजों के गुलाम रहे, मुगलों के गुलाम नहीं रहे, इसे बदला जा रहा है। अनुराग वर्मा: जो समाजवाद की अवधारणा इस देश में बनाई गई उसे मुस्लिम तुष्टिकरण से जोड़कर देखा गया। हमारे इतिहास को विदेश में बैठे विदेशियों के हिसाब से बताया गया। आज की सरकार अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Khabaron Ke Khiladi: क्यों मनाया जा रहा है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, विश्लेषकों ने समझाई इसके पीछे की सियासत
सोमनाथ, संभल और कोलकाता इस हफ्ते चर्चा में रहे। एक ओर जहां चुनावी साल में बंगाल की राजधानी में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। वहीं, सोमनाथ में विंध्वंस के हजार साल पूरे होने पर मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर भी सियासत हो रही है। वहीं, संभल में बुलडोजर एक्शन भी इस हफ्ते सुर्खियों में रहा। इस हफ्त खबरों के खिलाड़ी में इन सभी सुर्खियों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, राकेश शुक्ल, अजय सेतिया, अनुराग वर्मा और हर्षवर्धन त्रिपाठी मौजूद रहे। हर्षवर्धन त्रिपाठी: न