09:30 AM, 10-Jan-2026 ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन मानवाधिकार समूहों के अनुसार विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों में फैल चुके हैं, जिससे यह हाल के इतिहास में देश के सबसे व्यापक विरोध आंदोलनों में से एक बन गया है। प्रदर्शकारियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। विरोध प्रदर्शन शनिवार (10 जनवरी) को 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मानवाधिकार समूहों के अनुसार विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों में फैल चुके हैं, जिससे यह हाल के इतिहास में देश के सबसे व्यापक विरोध आंदोलनों में से एक बन गया है। प्रदर्शकारियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। विरोध प्रदर्शन शनिवार (10 जनवरी) को 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 09:25 AM, 10-Jan-2026 ईरान में विरोध प्रदर्शनों की वजह? ईरान के अंदर खराब अर्थव्यवस्था, आसमान छूती खाद्य कीमत और गिरती मुद्रा के विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। जिसने अब सीधा सत्ता परिवर्तन की मांग का रूप ले लिया है। 28 दिसंबर को रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद तेहरान के मुख्य बाजारों में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध के बावजूद हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। तेहरान, मशहद और अन्य प्रमुख शहरों में ‘तानाशाह का नाश हो’ के नारे और रजा पहलवी के नेतृत्व में राजशाही की वापसी के समर्थन में नारे गूंज रहे हैं। ईरान के अंदर खराब अर्थव्यवस्था, आसमान छूती खाद्य कीमत और गिरती मुद्रा के विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। जिसने अब सीधा सत्ता परिवर्तन की मांग का र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran Protests LIVE Updates: ईरान में विरोध-प्रदर्शन जारी, पुलिस की गोलीबारी में 217 मौतों का दावा
09:30 AM, 10-Jan-2026 ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन मानवाधिकार समूहों के अनुसार विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों में फैल चुके हैं, जिससे यह हाल के इतिहास में देश के सबसे व्यापक विरोध आंदोलनों में से एक बन गया है। प्रदर्शकारियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। विरोध प्रदर्शन शनिवार (10 जनवरी) को 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मानवाधिकार समूहों के अनुसार विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों मे