बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी “बड़ी विरासत” को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, “अपने” और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी “नए बने अपने” ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब “जिसकी” वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 10, 2026 रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी ‘बड़ी विरासत’ को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है, जब ‘जिसकी’ वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर ‘अपने’ ही आमादा हो जाते हैं।" आगे उन्होंने लिखा, “जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है, तब ‘विनाशक’ ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।“हाल के दिनों में रोहिणी के कई पोस्टों और बयानों ने बिहार की राजनीति में चर्चाओं को जन्म दिया है। इससे पहले भी उन्होंने पार्टी के आंतरिक मामलों और नेतृत्व पर तीखे कमेंट किए थे। अब यह माना जा रहा है कि यह पोस्ट राजद के भीतर चल रही खींचतान और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Bihar News: 'बड़ी विरासत को तहस-नहस करने वाले अपने ही...', रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 10, 2026 रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी 'बड़ी विरासत' को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, 'अपने' और अपनों के चंद षड