आज का शब्द: बतास और चंद्रकांत देवताले की कविता- उसे पता तक नहीं ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- बतास, जिसका अर्थ है- वायु, हवा, समीर। प्रस्तुत है चंद्रकांत देवताले की कविता- उसे पता तक नहीं झुक-झुक कर चूम रहे फूल जिसके होंठों को बतास में महक रही चंदन-गंध जिसकी जगमगाती उपस्थिति भर से जिसकी पदचापों की सुगबुगाहट ही से झनझनाने लगे ख़ामोश पड़े वाद्य रोशन हो रहे दरख़्तों-परिन्दों के चेहरे उसे पता तक नहीं सपनों के मलबे में दबा कहीं कोई मर रहा है उसके लिए… हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 5 घंटे पहले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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