अभिषेक सिंघवी ने अदालत से दखल न देने की अपील की इस दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से इस मामले में दखल न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून और नियम पहले से मौजूद हैं, इसलिए अदालत को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। सिंघवी ने यह भी कहा कि जब संसद जानबूझकर दखल नहीं देती, तो अदालत को भी इसमें नहीं जाना चाहिए। सिंघवी ने आगे बताया कि एमीकस क्यूरी (अदालत के सलाहकार) कानून के अच्छे जानकार होते हैं लेकिन किसी विशेष विषय के विशेषज्ञ नहीं। ऐसे मामलों में डोमेन एक्सपर्ट्स जैसे पशु, पर्यावरण या स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाना चाहिए। अवैध प्रजनन और विदेशी कुत्तों का अवैध आयात अवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई के दौरान, महालक्ष्मी पावनी ने बड़े पैमाने पर अवैध प्रजनन और विदेशी कुत्तों के अवैध आयात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिट बुल और हस्की नस्ल के कुत्तों को सड़कों पर छोड़ा जा रहा है। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि यह मामला स्ट्री डॉग्स (अवारा कुत्तों) के मुद्दे से संबंधित नहीं है। कृपया उन मुद्दों पर ध्यान दें जिनसे हम निपट रहे हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून में उपलब्ध उपायों का पालन किया जाना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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