निवासियों ने बताया कि सीवर के ओवरफ्लो होने पर ड्रेनेज में दूषित पानी डाला जा रहा है। ड्रेनेज में गंदे पानी के आने के कारण घरों में दिनभर बदबू आती है। उन्होंने बताया कि सप्लाई के पानी का दबाव कम आने पर लीकेज होने के कारण घरों में सीवर का पानी आने लगता है। हर दूसरे दिन किसी न किसी सेक्टर में यह समस्या बनी रहती है। सेक्टर अल्फा-2 के महासचिव एनपी सिंह ने बताया कि छह महीने से अधिक समय हो गया है। सेक्टर में हर घर के सामने सीवर का दूषित पानी भरा हुआ है। ड्रेनेज की सफाई नहीं होने के कारण भी लोगों को परेशानी होती है। डेल्टा-1 निवासी दीपक भाटी ने बताया कि सेक्टर की सीवर लाइन खराब होने पर प्राधिकरण ने लाइन को ड्रेन वाली लाइन में जोड़ दिया। ड्रेन वाली लाइन बिना प्लास्टर की है, जिससे मलमूत्र युक्त पानी लीकेज लाइन के माध्यम से घरों में सप्लाई हो रहा है। जलविभाग के अधिकारी फोटो खींच कर इतिश्री कर लेते हैं लेकिन समस्या जमीन स्तर पर बनी हुई है। ज्वाइंट में लगा रहे एमसील निवासियों ने बताया कि लीकेज पर प्राधिकरण के कर्मचारियों की ओर से एमसील के माध्यम से रोका जा रहा है। पानी का दबाव अधिक आने पर एमसील खुल जाती है। जिसके कारण आए दिन हजारों लीटर पानी सेक्टरों में बर्बाद होता है। स्थायी समाधान नहीं होने पर इन्हीं लीकेज से दूषित पानी की सप्लाई सेक्टरों में की जाती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
दूषित पानी की सप्लाई: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल पहुंच रहे मरीज...35 साल पुरानी व्यवस्था पर टिकी है जलापूर्ति
निवासियों ने बताया कि सीवर के ओवरफ्लो होने पर ड्रेनेज में दूषित पानी डाला जा रहा है। ड्रेनेज में गंदे पानी के आने के कारण घरों में दिनभर बदबू आती है। उन्होंने बताया कि सप्लाई के पानी का दबाव कम आने पर लीकेज होने के कारण घरों में सीवर का पानी आने लगता है। हर दूसरे दिन किसी न किसी सेक्टर में यह समस्या बनी रहती है। सेक्टर अल्फा-2 के महासचिव एनपी सिंह ने बताया कि छह महीने से अधिक समय हो गया है। सेक्टर में हर घर के सामने सीवर का दूषित पानी भरा हुआ है। ड्रेनेज की सफाई नहीं होने के कारण भी लोगों को परे