इस झकझोर देने वाली घटना के पीछे असली वजह क्या है, जिम्मेदारों से कहां चूक हुई, क्या इस घटना से बचा जा सकता था और इंदौर जैसा समृद्ध इतिहास वाला शहर इससे क्या सबक ले सकता है? अमर उजाला ने ‘खबरों के खिलाड़ी’ के जरिए इन्हीं सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। इस चर्चा में उन वरिष्ठ पत्रकारों ने बतौर विश्लेषक हिस्सा लिया, जो बरसों तक शहर की नब्ज को परखते रहे हैं और शहर की तासीर और तंत्र को बखूबी समझते हैं। जानिए, इंदौर की घटना पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी, सतीश जोशी, अरविंद तिवारी, मुकेश तिवारी, राजेश राठौर और राजेश ज्वेल की राय।पहले शहर का आकार छोटा था। आबादी कम थी। एक नियोजित विस्तार होता है। एक अनियोजित विस्तार होता है। जहां अनियोजित विस्तार हुआ, वहां पानी और ड्रेनेज की लाइनें पुरानी थीं। उन्हें बदलने की व्यवस्था में लापरवाही हुई। कैग की रिपोर्ट भी यही कह रही थी। इसके बावजूद लापरवाही हुई। जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों से दूर होते जा रहे हैं। प्रशासन पर नेताओं की पकड़ नहीं है। भ्रष्टाचार चरम पर है।महापौर खुद स्वीकार कर चुके हैं कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। पुष्यमित्र भार्गव को बेहद कम उम्र में इंदौर का महापौर बनने का मौका मिला। चार आयुक्त उनके कार्यकाल में बदल गए। हर अधिकारी से उनका तालमेल नहीं बैठा। आखिर महापौर, नगर निगम आयुक्तों और नगर निगम के अफसरों के बीच तालमेल क्यों नहीं बैठ पा रहा? यह तो जांच का विषय हो गया। आप नौकरशाही से ऐसा क्या चाहते थे, जो वो नहीं कर पा रही थी? या नौकरशाही ऐसा क्या चाहती थी, जिसे आप नहीं करने देना चाहते थे? जनप्रतिनिधियों को तो स्थानीय व्यवस्था में तालमेल बैठाकर चलना ही पड़ता है। भागीरथपुरा ने तो हमारी आंखें खोल दी हैं। अब त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
खबरों के खिलाड़ी: इंदौर के सिस्टम में लीकेज, जब नल से आने वाले पानी से ही भरोसा टूट गया; तो फिर बचा ही क्या?
इस झकझोर देने वाली घटना के पीछे असली वजह क्या है, जिम्मेदारों से कहां चूक हुई, क्या इस घटना से बचा जा सकता था और इंदौर जैसा समृद्ध इतिहास वाला शहर इससे क्या सबक ले सकता है? अमर उजाला ने 'खबरों के खिलाड़ी' के जरिए इन्हीं सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। इस चर्चा में उन वरिष्ठ पत्रकारों ने बतौर विश्लेषक हिस्सा लिया, जो बरसों तक शहर की नब्ज को परखते रहे हैं और शहर की तासीर और तंत्र को बखूबी समझते हैं। जानिए, इंदौर की घटना पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी, सतीश जोशी, अरविंद तिवारी, मुकेश तिवारी