पुलिस को पत्र में जेएनयू प्रशासन में किया लिखा नारेबाजी का आरोप जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों सहित कई दूसरे छात्रों पर लगा है। दरअसल, छात्र सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगे मामले में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने और पांच जनवरी 2020 को परिसर में हुई हिंसा के खिलाफ नाराजगी और आक्रोश व्यक्त करने के लिए जुटे थे। इस बीच छात्रों की ओर से कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी की गई। इस मामले पर जेएनयू सुरक्षा विभाग द्वारा एसएचओ को लिखे पत्र के अनुसार साबरमती हॉस्टल के बाहर जेएनयू छात्र संघ से जुड़े छात्रों की ओर से गुरिल्ला ढाबा पर प्रतिरोध की रात शीर्षक के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसका उद्देश्य पांच जनवरी 2020 को जेएनयू में हुई हिंसा की छठी वर्षगांठ मनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत के समय ऐसा लगा कि छात्र सिर्फ वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ही आए थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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