1 of 12 लाल किला धमाके में सुरक्षा एजेंसी ने किया बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि तथाकथित ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आरोपी, जिनमें उच्च शिक्षित डॉक्टर भी शामिल थे, पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क बनाए रखने के लिए ‘घोस्ट सिम कार्ड’ और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 आरोपी शाहीन - फोटो : एजेंसी डुअल-फोन रणनीति से एजेंसियों को दिया चकमा जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टरों-मुजम्मिल गनई, आदिल राथर सहित अन्य ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए एक सुनियोजित ‘डुअल-फोन प्रोटोकॉल’ अपनाया था। हर आरोपी के पास दो से तीन मोबाइल फोन होते थे। एक ‘क्लीन फोन’ उनके नाम से रजिस्टर्ड होता था, जिसका इस्तेमाल रोजमर्रा और पेशेवर कामों के लिए किया जाता था, जबकि दूसरा फोन सिर्फ आतंकी गतिविधियों और पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से बातचीत के लिए इस्तेमाल होता था। 3 of 12 अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी पाकिस्तानी हैंडलरों से व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर संपर्क अधिकारियों ने बताया कि इन तथाकथित ‘टेरर फोन्स’ के जरिए आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप्स पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों-जिनके कोडनेम ‘उकासा’, ‘फैजान’ और ‘हाशमी’ बताए गए हैं, से संपर्क में रहते थे। विस्फोट से पहले मारा गया डॉ. उमर नबी भी इसी नेटवर्क का हिस्सा था, जो विस्फोटक से लदी गाड़ी चला रहा था। 4 of 12 दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन - फोटो : ANI आधार के दुरुपयोग से जारी हुईं घ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
लालकिला धमाके में खुलासा: 'घोस्ट सिम' के जरिए पाकिस्तानी आकाओं से कनेक्ट थे आतंकी, जानें कैसे करती है ये काम
1 of 12 लाल किला धमाके में सुरक्षा एजेंसी ने किया बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि तथाकथित 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आरोपी, जिनमें उच्च शिक्षित डॉक्टर भी शामिल थे, पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क बनाए रखने के लिए 'घोस्ट सिम कार्ड' और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 आरोपी शाहीन - फोटो : एजेंसी डुअल-फोन