पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य में हो रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी गर्माहट तेज हो गई है। खासतौर पर मतुआ समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी गुस्से के चलते टीएमसी समर्थित ऑल इंडिया मतुआ महासंघ के एक गुट ने सोमवार को पूरे राज्य में सड़क जाम का आह्वान किया है। मतुआ महासंघ का आरोप है कि राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उनका कहना है कि इससे मतुआ समुदाय को खास तौर पर नुकसान हो रहा है। इस विरोध की तात्कालिक वजह की बात करें तो, इसकी बड़ा कारण श्यामनगर के एक मतुआ ‘गोसाय’ (धार्मिक गुरु) पर हुआ कथित हमला है। बताया गया कि गोसाय अपना नाम वोटर लिस्ट से हटने के बाद जवाब मांगने के लिए उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर मंदिर परिसर पहुंचे थे, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई।मतुआ महासंघ का आरोप है कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के इशारे पर मतुआ धार्मिक नेताओं पर सुनियोजित हमला किया। महासंघ ने कहा कि सोमवार को होने वाले सड़क जाम के दौरान गोसाय पर हुए हमले की तुरंत जांच और वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने की मांग की जाएगी।मामले में टीएमसी समर्थित मतुआ नेताओं ने आरोप लगाया कि यह हमला केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के समर्थकों ने किया। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब ऐसे किसी मामले में बवाल हुआ हो। इससे पहले मतुआ में बीते 24 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के विरोध में प्रदर्शन हुआ था।इस दौरान ठाकुरनगर मंदिर इलाका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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