और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ये भी पढ़ें: राणा प्रताप बैरागी केशबपुर उपजिला के निवासी थे। उन्हें मोनिरामपुर उपजिला के कपालिया बाजार में गोली मार दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा प्रताप सोमवार शाम करीब छह बजे कपालिया बाजार में थे, जब अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। वह गंभीर रूप से घायल हो गए और वहीं गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। तीन हफ्तों के भीतर पांचवीं घटना बैरागी की हत्या बांग्लादेश में हुई ऐसी पांचवीं घटना है। पिछले महीने दक्षिणपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से देश में तनाव का माहौल बना हुआ है। सबसे पहले 18 दिसंबर को मैमेनसिंह में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर भीड़ ने हमला किया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के छह दिन बाद, पांग्शा उपजिला में अमृत मंडल नाम के एक और हिंदू व्यक्ति की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने हत्या कर दी। इसके बाद मैमेनसिंह में बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी महीने की शुरुआत में 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकोन दास पर भी भीड़ ने हमला किया और उन्हें जिंदा जला दिया, जब वह काम से लौट रहे थे। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद दास की शनिवार तीन जनवरी को मौत हो गई। हिंदुओं की हत्या पर भारत की चिंता पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या को लेकर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हमले की 2,900 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। 26 दिसंबर को मीडिया को संबोधित करते …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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