संगम की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी में माघ मेले का शुभारंभ हो चुका है। आस्थावान लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। पहले मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु संगम तट पर जमा हैं। डुबकी का सिलसिला जारी है। 44 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले के लिए संगम के घाट पूरी तरह तैयार हैं। मेला अवधि में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है, जबकि करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक कल्पवास करेंगे। वहीं समूचा उत्तर भारत व मध्य भारत का कुछ हिस्सा घनघोर कोहरे, कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर की चपेट में है। कश्मीर घाटी व हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से पहाड़ों के साथ ही मैदानी इलाकों में ठंड कुछ ज्यादा ही महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से लेकर बिहार और पूर्वी भारत के ओडिशा तक घने कोहरे की चपेट में रहे। इससे कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। दृश्यता कम होने से दिल्ली में 66 उड़ानें रद्द हुई हैं। ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली के राय पिथौरा कल्चरल कॉम्प्लेक्स में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसमें लोग बुद्ध से जुड़े उन पवित्र पिपरहवा अवशेषों को देख सकेंगे, जिन्हें इसी साल जुलाई में 127 वर्षों बाद विदेश से वापस लाया गया है। वहीं दूसरी ओर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जल्द संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका के दौरे पर रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार सेना प्रमुख का यह दौरा 4 से 9 जनवरी के बीच होने जा रहा है। सेना प्रमुख दोनों देशों में अपने समकक्षों एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर द्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Top News: पौष पूर्णिमा के साथ माघ मेला आरंभ; प्रदूषण घटाने के लिए नई योजना; BMC में महायुति की बल्ले-बल्ले
संगम की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी में माघ मेले का शुभारंभ हो चुका है। आस्थावान लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। पहले मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु संगम तट पर जमा हैं। डुबकी का सिलसिला जारी है। 44 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले के लिए संगम के घाट पूरी तरह तैयार हैं। मेला अवधि में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है, जबकि करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक कल्पवास करेंगे। वहीं समूचा उत्तर भारत व मध्य भारत का कुछ हिस्सा घनघोर कोहरे,