ईरान में आर्थिक अस्थिरता और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से प्रभावित लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं। तेहरान ने ट्रंप की टिप्पणी को लापरवाह और खतरनाक करार देते हुए साफ चेतावनी दी है कि ईरान की संप्रभुता में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान सरकार का कहना है कि हालिया विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और अधिकांश प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें पुलिस थाने पर हमला और सुरक्षाबलों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। सरकार ने इन्हें अलग-थलग आपराधिक कृत्य बताया है।तेहरान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका के भीतर नेशनल गार्ड की तैनाती करने वाले ट्रंप को यह भली-भांति समझना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्ति पर हमले किसी भी देश में स्वीकार्य नहीं होते। ऐसे में ईरान के आंतरिक मामलों पर बयानबाजी न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। ईरानी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि ट्रंप का बयान उन ताकतों से प्रभावित हो सकता है, जो कूटनीति से डरती हैं या उसे अनावश्यक मानती हैं। ईरान ने दोहराया कि उसका इतिहास गवाह है देश के लोग हमेशा बाहरी हस्तक्षेप को सख्ती से खारिज करते आए हैं।बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह की संप्रभुता-उल्लंघन की स्थिति में जवाब देने में सक्षम हैं। हम जानते हैं कि कहां और कैसे जवाब देना है, यह संदेश अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और उसके सहयोगियों को दिया गया।प्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran: 'हमें पता है निशाना कहां साधना है', बोला तेहरान; ईरान में विरोध-प्रदर्शन पर ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
ईरान में आर्थिक अस्थिरता और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से प्रभावित लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं। तेहरान ने ट्रंप की टिप्पणी को लापरवाह और खतरनाक करार देते हुए साफ चेतावनी दी है कि ईरान की संप्रभुता में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान सरकार का कहना है कि हालिया विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और अधिकांश प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे हैं। हालांकि, कुछ स्थानों