पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी कोहरा कड़ाके की ठंड पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने दक्षिण भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में कड़ाके की ठंड को और भीषण कर दिया है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत की कोई संभावना नहीं है और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों में मौसम ने कंपकंपा देने वाला बर्फीला रुख अख्तियार कर लिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंड, शीतलहर तथा घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इस तीखी और कड़कड़ाती ठंड के लिए पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं का साथ विशेष रूप से जिम्मेदार है। ये भी पढ़ें:- Army Chief: 4 से 6 जनवरी तक यूएई-श्रीलंका के दौरे पर रहेंगे सेना प्रमुख, रणनीतिक तौर पर बेहद अहम होगी यात्रा इसके अलावा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जहां हवा की गति लगभग 140 नॉट तक दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यही मौसमी परिस्थितियां उत्तर भारत में सर्दी के प्रकोप को और तीव्र बना रही हैं। मध्य प्रदेश में नए साल के पहले ही दिन मौसम ने अचानक करवट ली। राज्य के उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय 16 जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि 5 जिलों में बादल छाए रहे। पूर्वी राज्यों में मौसम का हाल पश्चिम बंगाल के कुछ हिस् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
IMD: ठंड-कोहरे की गिरफ्त में उत्तर भारत, पहाड़ों पर बर्फबारी; उड़ान-ट्रेनें प्रभावित, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी कोहरा कड़ाके की ठंड पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने दक्षिण भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में कड़ाके की ठंड को और भीषण कर दिया है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत की कोई संभावना नहीं है और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों