- साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। 2. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और… — Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026 1. इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। 2. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? 3. ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड! — Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026 मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती और गंदगी होना और जहर मिला पानी पीकर कितनी जिंदगियां खत्म हो गईं और अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है।पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि मृतकों के परिजन जीवन भर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए।भाजपा नेत्री ने मोहन यादव को भी घेरते हुए कहा कि यह उनकी परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने कहा, “जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
MP: 'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती', इंदौर दूषित पानी मामले में उमा भारती बोलीं- अपराधियों को सजा मिले
1. साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। 2. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और… — Uma Bharti (@umasribharti) January 2, 2026 1. इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। 2. जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंच