मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, मेरे बेटे को बचा लो… जहरीले पानी की इस त्रासदी के शिकार पीड़ित अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें संजय यादव भी शामिल हैं। उनकी मां की मौत जहरीले पानी से हो गई और उनका बेटा भी अस्पताल में भर्ती है। संजय और उनकी पत्नी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती किया गया है। संजय ने बताया कि मेरी मां ने मेरे सामने आंखें मूंद ली, अब मुझे मेरे बेटे की चिंता है। उसे दस बोतल स्लाइन चढ़ाई गई। संजय ने कहा कि मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, लेकिन मेरे बेटे को सरकार बचा ले। इस परिवार ने ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चेक लेने से इनकार कर दिया था। पैकेट वाले दूध में पानी डाल कर पिलाया जहरीले पानी ने पांच माह के बच्चे अव्यान साहू को भी उसके परिवार से छीन लिया। परिवार में एक बेटी है। दस साल बाद अव्यान हुआ था। 8 जुलाई को उसका जन्म हुआ। परिवार में बरसों बाद खुशियां आई थीं। बच्चे की मौत के बाद मां बात करने की स्थिति में नहीं है। अव्यान के पिता सुनील ने बताया कि डिलीवरी के बाद पत्नी को दूध ठीक से नहीं आ रहा था। इस कारण अव्यान को ऊपर का दूध पिलाना शुरू किया। पैकेट वाला दूध नवजात के लिए ज्यादा गाढ़ा होता है। आसानी से वह पच सके, इस कारण उसमें हम पानी मिलाते थे। हमें क्या पता था कि वो जहरीला पानी हमसे बेटे को छीन लेगा। अव्यान को पहले दस्त हुए तो उसे एक क्लीनिक ले गए। दवा से आराम नहीं मिला। इस बीच उसे तेज बुखार आ गया। अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बेटी को खाना खिलाया और तबीयत हो गई खराब जहरीले पानी से मंजुला वाड़े की मौत हो गई। मंजुला की चार बेटियां हैं। अपने ससुराल से आई बेटी के लिए मंजुला ने रात को खाना बनाया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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