पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर दो साफ खेमे बन चुके हैं। एक गुट कैप्टन की वापसी को कांग्रेस के लिए संजीवनी मान रहा है, जबकि दूसरा इसे बीते दौर की राजनीति बताकर विरोध में खड़ा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को अब भी एक कद्दावर नेता माने जाते हैं।2014 में उन्होंने अमृतसर सीट पर नरेंद्र मोदी लहर के बीच अरुण जेतली को हराकर अपनी सियासी ताकत साबित की थी। माझा क्षेत्र के प्रभावशाली नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को इस पूरी कवायद का केंद्र माना जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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