UP: ‘सॉरी एवरी वन…’, चार बार नस काटने की कोशिश, आईआईटी कानपुर के बीटेक छात्र ने दी जान; मौत पर उठे ये सवाल विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि राजस्थान के अजमेर के अवधपुरी निवासी गौरीशंकर का बेटा जय सिंह मीणा आईआईटी में बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग में बीटेक अंतिम वर्ष का था। हॉस्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में रहता था। परिजन के लगातार फोन करने के बाद जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो उसके दोस्त से बात की। इसके बाद सोमवार सुबह आईआईटी प्रशासन को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़ा तो छात्र का शव पाइप से चादर के सहारे लटका मिला। छात्र के नोट बुक में एक लाइन का सुसाइड नोट लिखा मिला है। फॉरेंसिक ने बुक और मोबाइल को जांच के लिए कब्जे में लिया है। छात्र के परिजनों को जानकारी दे दी गई है। एसीपी के मुताबिक शव करीब 10-12 घंटे पुराना लग रहा है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि राजस्थान के अजमेर के अवधपुरी निवासी गौरीशंकर का बेटा जय सिंह मीणा आईआईटी में बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग में बीटेक अंतिम वर्ष का था। हॉस्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में रहता था।परिजन के लगातार फोन करने के बाद जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो उसके दोस्त से बात की। इसके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
UP: 'सॉरी एवरी वन...', चार बार नस काटने की कोशिश, आईआईटी कानपुर के बीटेक छात्र ने दी जान; मौत पर उठे ये सवाल
UP: 'सॉरी एवरी वन...', चार बार नस काटने की कोशिश, आईआईटी कानपुर के बीटेक छात्र ने दी जान; मौत पर उठे ये सवाल विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि राजस्थान के अजमेर के अवधपुरी निवासी गौरीशंकर का बेटा जय सिंह मीणा आईआईटी में बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग में बीटेक अंतिम वर्ष का था। हॉस्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में रहता था। परिजन के लगातार फोन करने के बाद जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो उसके दोस्त से बात की। इसके बाद सोमवार सुबह आईआईटी प्रशासन को