और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं खालिदा जिया की राजनीति खालिदा जिया साल 1991 में पहली बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। इसके साथ ही बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी हासिल किया। इसके बाद साल 2001 से 2006 तक दूसरी बार भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। खालिदा जिया के पति जिया उर रहमान साल 1977 से लेकर 1981 तक बांग्लादेश के राष्ट्रपति रहे। उन्होंने ही 1978 में बीएनपी पार्टी की शुरुआत की थी। सैन्य शासक से राजनेता बने जिया उर रहमान की 30 मई 1981 में एक सैन्य तख्तापलट में हत्या कर दी गई थी। पति की मौत के बाद ही खालिदा जिया की राजनीतिक पारी की शुरुआत हुई। 3 जनवरी 1982 को पहली बार खालिदा जिया ने बीएनपी के सदस्य के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। बाद में वे बीएनसपी की अध्यक्ष बनीं और अपनी मौत तक वह इस पद पर रहीं। बांग्लादेश में सैन्य शासन के खिलाफ खालिदा जिया एक प्रमुख आवाज बनकर उभरीं। लोगों को सैन्य शासन के खिलाफ एकजुट करने में खालिदा जिया ने अहम भूमिका निभाई। साल 1986 में तत्कालीन सैन्य जनरल इरशाद ने राष्ट्रपति चुनाव कराने का एलान किया। जिसके लिए खालिदा जिया के नेतृत्व वाले गठबंधन और शेख हसीना के गठबंधन ने प्रचार शुरू कर दिया। हालांकि बाद में दोनों गठबंधन ने चुनाव का बहिष्कार करने का एलान कर दिया। इससे खालिदा जिया की लोकप्रियता बहुत बढ़ गई। हालांकि शेख हसीना के नेतृत्व में बाद में चुनाव में हिस्सा लिया। लेकिन शेख हसीना को नजरबंद कर एच एम इरशाद ने चुनाव में धांधली की। आखिरकार दिसंबर 1990 में इरशाद के शासन के खत्म होने के बाद केयर टेकर सरकार में चुनाव हुए। इन चुनाव में बीएनपी की सरकार बनी। खालिदा जिया ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Khaleda Zia: कौन थीं खालिदा जिया? पति की हत्या के बाद सैन्य शासन से लड़ीं, बांग्लादेश की पहली महिला पीएम बनीं
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं खालिदा जिया की राजनीति खालिदा जिया साल 1991 में पहली बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। इसके साथ ही बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी हासिल किया। इसके बाद साल 2001 से 2006 तक दूसरी बार भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। खालिदा जिया के पति जिया उर रहमान साल 1977 से लेकर 1981 तक बांग्लादेश के राष्ट्रपति रहे। उन्होंने ही 1978 में बीएनपी पार्टी की शुरुआत की थी। सैन्य शासक से राजनेता बने जिया उर रहमान की 30 मई 1981 में एक सैन्य तख्तापलट में हत्या कर दी