उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर से एक दिन पहले गहन मंथन के बाद यह सीट शेयरिंग पर सहमति बन चुकी है। साटम ने कहा कि दोनों दल अपने-अपने कोटे की कुछ सीटें गठबंधन सहयोगियों को भी आवंटित करेंगे। ऐसे में अब भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवार मंगलवार (30 दिसंबर) को अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।महायुति गठबंधन को इस चुनाव में विपक्षी खेमे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। इधर, महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन की एक अन्य सहयोगी, उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बीएमसी चुनाव अलग से लड़ रही है। एनसीपी अब तक 64 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।मालूम हो कि महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जिनमें मुंबई का चुनाव सबसे अहम माना जा रहा है। मतगणना अगले दिन यानी 16 जनवरी को की जाएगी। बृहन्मुंबई महानगरपालिका की कुल सदस्य संख्या 227 है। मुंबई में मतदाताओं की संख्या 1.03 करोड़ से अधिक है, जिनमें 55 लाख से ज्यादा पुरुष, 48 लाख से अधिक महिलाएं और 1,099 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं।2017 के चुनावों की बात करें तो कुल 227 सीटों के लिए हुए बीएमसी चुनावों में भाजपा ने मुंबई में शिवसेना के गढ़ में 82 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की थी, जबकि अलग हुए सहयोगी शिवसेना (अविभाजित) से सिर्फ दो सीटें पीछे रही। कांग्रेस 31 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि NCP (अविभाजित) और राज ठाकरे की MNS क्रमशः 9 और 7 सीटों पर सिमट गईं। वहीं AIMIM ने पहली बार में तीन सीटें जीतीं, समाजवादी पार्टी ने छह और अखिल भारतीय सेना ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
BMC Election: बीएमसी के लिए महायुति में सीट बंटवारे पर सहमति, भाजपा 137 और शिवसेना 90 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर से एक दिन पहले गहन मंथन के बाद यह सीट शेयरिंग पर सहमति बन चुकी है। साटम ने कहा कि दोनों दल अपने-अपने कोटे की कुछ सीटें गठबंधन सहयोगियों को भी आवंटित करेंगे। ऐसे में अब भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवार मंगलवार (30 दिसंबर) को अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।महायुति गठबंधन को इस चुनाव में विपक्षी खेमे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। इधर, म