रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू हुए चार साल होने वाले हैं। इस बीच दोनों पक्षों की ओर से शांति की सभी कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध को जल्द खत्म करने के दबाव और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से पीछे न हटने की चेतावनी के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की कुछ दबाव में दिखने लगे हैं। इसका असर यह हुआ है कि जेलेंस्की अब रविवार को ट्रंप के साथ एक बार फिर संघर्ष रुकवाने के लिए शांति समझौते के प्रस्ताव के साथ चर्चा करेंगे। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर रूस-यूक्रेन संघर्ष में मौजूदा हालात क्या हैं? ट्रंप और जेलेंस्की की यह बैठक इतनी अहम क्यों है? रूस और यूक्रेन दोनों इस समझौते के लिए क्या-क्या मांग है? दोनों किन-किन बातों पर तैयार हैं? इसके अलावा किन मुद्दों को लेकर सहमति बनना मुश्किल हो सकता है? इसके अलावा इस बैठक में किन बातों पर नजर रहेगी? आइये जानते हैं… क्यों अहम है जेलेंस्की की ट्रंप से मुलाकात? जेलेंस्की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली मुलाकात कई मायनों में अहम है। दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका जोर-शोर से मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है। खासकर फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से वे लगातार दोनों पक्षों को शांति योजना पर काम करने के लिए कहते रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका में पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले तक ट्रंप कहते रहे थे कि वे रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवा कर ही रहेंगे। ट्रंप इसके लिए फरवरी, अप्रैल, अगस्त में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेंलेंस्की और अगस्त में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी कर चुके हैं। हालांकि, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
क्या रुकने वाली है रूस-यूक्रेन जंग: ट्रंप से मिलेंगे जेलेंस्की; रूस के लिए क्या छोड़ने को तैयार-क्या मांगेंगे?
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू हुए चार साल होने वाले हैं। इस बीच दोनों पक्षों की ओर से शांति की सभी कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध को जल्द खत्म करने के दबाव और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से पीछे न हटने की चेतावनी के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की कुछ दबाव में दिखने लगे हैं। इसका असर यह हुआ है कि जेलेंस्की अब रविवार को ट्रंप के साथ एक बार फिर संघर्ष रुकवाने के लिए शांति समझौते के प्रस्ताव के साथ चर्चा करेंगे। ऐसे में यह जान