दुधिया चादर के बीच विशेष व्हाइट यूनिफॉर्म अधिकारी ने बताया कि बर्फबारी में हमारे जवानों की मूवमेंट ट्रैक न हो सके इसके लिए वे विशेष सफेद यूनिफाॅर्म पहन रहे हैं। इससे वे दुश्मन को नजर नहीं आते । किसी भी गतिविधि का पता चलते ही तुरंत टीमें सक्रिय हो जाती हैं और क्रॉस चेक करने के साथ ही कार्रवाई करती हैं। एक कतार में रस्सी पकड़कर गश्त जवानों ने बताया कि दुश्मन के खतरे के अलावा बर्फीले तूफानों व हिमस्खलन का खतरा रहता है। कई फीट तक जमी बर्फ में रस्सी पकड़कर एक कतार में गश्त करते हैं ताकि एक-दूसरे की सुरक्षा को सुनिश्चित हो सके। आतंकी आकाओं की बदली रणनीति अब बर्फबारी में भी घुसपैठ की कोशिश पहले पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका बर्फबारी से पहले घुसपैठ कराने की कोशिश करते थे। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस ट्रेंड में बदलाव आया है। अब बर्फबारी के बीच घुसपैठ की कोशिशें होने लगी हैं। कुपवाड़ा, बांदीपोरा और उड़ी सेक्टर के उस पार पीओके में स्थित आतंकी शिविरों में अभी भी आतंकवादियों की मौजूदगी की खबर मिल रही है। ऐसे में सतर्कता बढ़ा दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें