1 of 9 Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला आधिकारिक सूत्रों की मानें तो डॉ. मुज्जमिल के गिरफ्तार होने के बाद डॉ. उमर और बिलाल ने ये टैब तोड़ा था। इस टैब में बिलाल जसीर वानी ने मोडिफाई ड्रोन व रॉकेट बनाने के स्कैच रखे हुए थे। इसके अलावा भी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी कई अहम जानकारियां इस टैब में भी, जिसके चलते इसे आरोपियों ने तोड़ा था। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के तहत डॉ. मुज्जमिल के गिरफ्तार होते ही सबूत मिटाने की कार्रवाई अन्य संदिग्ध आतंकियों ने शुरू कर दी थी। एनआईए ने यूनिवर्सिटी परिसर में डॉ. उमर के कमरे में तोड़े गए एक टैबलेट के पार्ट्स बरामद किए हैं। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 9 दिल्ली में धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर। - फोटो : अमर उजाला एनआईए टीम ने ये कार्रवाई 23 दिसंबर की शाम को उस वक्त की जब टीम दिल्ली बम धमाके मामले में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी आई थी। 3 of 9 आतंकी उमर का वीडियो - फोटो : वीडियो ग्रैब टीम ने लगभग दो घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर के अलग-अलग एरिया में ले जाकर आरोपी से निशानदेही कराई। इसी दौरान दिल्ली धमाके में मर चुके डॉ. उमर के कमरे से टूटे हुए टैब के पार्ट्स बरामद किए गए। 4 of 9 Delhi Blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी आरोपी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश अल फलाह यूनिवर्सिटी में पीडियाट्रिक्स में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि जसीर ने ही डॉ. उमर को टेक्निकल सपोर्ट आतंकी हमलों के लिए मुहैया कराया। दिल्ली धमाके से पहले जसीर ने मोडिफाई ड्रोन और रॉकेट बनाने का प्रयास भी किया। विज्ञाप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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