ट्रंप पर एपस्टीन फ़ाइलों के सार्वजनिक होने का क्या असर पड़ेगा?
इमेज स्रोत, Getty Images इमेज कैप्शन, ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट में 1997 में ली गई तस्वीर में ट्रंप और एपस्टीन साथ नज़र आ रहे हैं
एक घंटा पहले
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने बीते सप्ताह के अंत में X (पहले ट्विटर) पर एक बयान जारी किया कि “राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी इतिहास में सबसे पारदर्शी प्रशासन काम कर रहा है.”
उनकी यह पोस्ट पिछले साल जुलाई में ट्रंप की हत्या के प्रयास से जुड़े दस्तावेजों को जारी करने की कोशिशों के संबंध में थी.
लेकिन उनकी पोस्ट पर कमेंट करने वालों के दिमाग में दूसरी जांच को लेकर सवाल कुलबुला रहे थे और वह थी जेफ़री एपस्टीन मामले की जांच.
उन्हें बोंडी की बात पर यकीन होता नहीं दिख रहा था.
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कई लोगों ने गुस्से में कहा, ‘झूठी!’ वैसे पोस्ट पर और भी कड़ी, अपमानजनक प्रतिक्रियाएं आईं. बिटकॉइन के प्रचार के साथ ही तीखी आलोचना करने वाले एक रूढ़िवादी यूट्यूबर ने लिखा, “मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रपति के लिए वोट दूंगा जो एपस्टीन फ़ाइलों को दबाने के मामले में पाम बोंडी को गिरफ़्तार करने के वादे पर चुनाव प्रचार करेगा.”
‘मुख्य मुद्दा एपस्टीन ही है’
इंटरनेट के हाशिए पर रहने वाले कई गैर-पारंपरिक मतदाताओं को अपने खेमे में लाने के बाद ट्रंप और उनके प्रशासन के सदस्यों को अब खुद भी, हर चीज़ में साज़िश देखने वाली सोच का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अब तक इसे हवा दी है.
इस मामले की छानबीन करने के लिए समर्पित एक फ़ेसबुक समूह के एक सदस्य ने कहा, “यह किसी भूतपूर्ण राष्ट्रपति को बचाने के लिए किसी राष्ट्रपति के लीपापोती करने का सबसे बड़ा मामला है. मुख्य मुद्दा एपस्टीन ही है
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